बकरी पालन व्यापार कैसे शुरू करें
बकरी पालन व्यापार एक लाभदायक व्यापार है. इस व्यापार के माध्यम से अच्छा खासा लाभ कमाया जा सकता है. कृषि के साथ भी बकरी पालन बहुत आसानी से किया जा सकता है. यह फार्म कोई भी व्यक्ति कुछ सरल प्रक्रियाओं की सहायता से शुरू कर सकता है और पैसे कमा सकता है. यहाँ पर बकरी पालन सम्बंधित कुछ आवश्यक जानकारियों का वर्णन किया जा रहा है
बकरियों की नस्ल
हमारे देश में विभिन्न नस्लों की बकरियां पायी जाती हैं,आप इनमे से किसी भी बकरी की नस्ल की सहायता से अपना बकरी पालन का व्यापार आरम्भ कर सकते हैं.
बकरी पालन के लिए एक व्यवस्थित स्थान की आवश्यकता होती है. इस कार्य के लिए एक उपयुक्त स्थान का चयन करे और शेड का निर्माण करे बकरियों को शीतल पेयजल मुहैया कराएं.बकरियों के आस-पास के स्थानों की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें.
बकरियों की संख्या का नियंत्रण
शेड में उतनी ही बकरियाँ पालें, जितनी आसानी से पाली जा सकती हैं. यहाँ बकरियों की भीड़ न बढाएं.
रोग निवारण और वैक्सीनेशन
बकरियों को विभिन्न तरह के रोग होने की सम्भवनाये रहती हैं., जिससे इन बकरियों को बचाने की आवश्यकता होती है. इन रोगों के रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन का प्रयोग किया जाता है.
फार्म स्थापित करने में लागत
फार्म स्थापित करने की लागत इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने बकरियों की संख्या के साथ फ़ार्म शुरू करना चाहते हैं. यहाँ पर एक यूनिट बकरियों की कुल लागत का विवरण दिया जा रहा है.
बकरी पालन में होने वाले लाभ
इस व्यापार में प्रति महीने बंधा बँधाया लाभ प्राप्त नहीं हो सकता है. हालाँकि कई त्यौहारों जैसे बकरीद, ईद आदि के मौके पर इन बकरियों की मांग काफी अधिक बढ़ जाती है. शुरूआती दौर में यह लाभ प्रतिवर्ष लगभग 1.5 से 2 लाख रूपए का होता है. यह लाभ प्रति वर्ष बढ़ता जाता है. बकरियाँ जितनी अधिक बच्चे पैदा करती हैं, उतना अधिक लाभ प्राप्त होता है.
सरकार की तरफ से सहायता
सरकार की तरफ से कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएँ चलाई जाती हैं. अतः आप अपने राज्य में चल रहे ऐसी योजनाओं का पता लगा कर लाभ उठा सकते है. इसके अलावा आपको नाबार्ड (NABARD) की तरफ से भी आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकती है. अतः नाबार्ड में आवेदन देकर ऋण और सब्सिडी प्राप्त किया जा सकता है.
मार्केटिंग इस व्यापार को चलाने के लिए मार्केटिंग की आवश्यकता बहुत अधिक होती है. आप अपने बकरियों से प्राप्त दूध को विभिन्न डेयरी फार्म तक पहुँचा सकते हैं. इसके अलावा अन्य तरीको से अच्छा लाभ प्राप्त कमा सकते है.